राग भैरवी परिचय एव स्वरमालिका, छोटा ख्याल

राग भैरवी परिचय एव स्वरमालिका, छोटा ख्याल

राग भैरवी

थाट भैरवी का आश्रय राग कहा जाता है।

बहुत ही प्रचलित एवम गंभीर प्रकृति का राग है।

दिल मे उतरना इस राग की खाशियत है इस वजह से अधिकतर हिंदी भजन एवम अन्य भजन इस राग में बहुत बजाए एवम गाये जाते हैं।

एक सप्तक के चारों कोमल स्वर का प्रयोग किया जाता है और अन्य तीन स्वर शुद्ध होते हैं।अत इसकी जाति सम्पूर्ण सम्पूर्ण है…।

वादी मा, संवादी सा

वर्जित स्वर : कोई नही

आरोह  सा रे,ग,म प ध,नि, सां

अवरोह सां नि, ध,प म ग,रे,सा

पकड़/चलन : म ग,सा रे,सा | ध., नि,$ सा

स्वरमालिका

स्थायी

सां धा पा धा | मा पा गा मा | नि धा धा – | सा रे गा मा

अंतरा

नि., सा ग मा | ध म ध नि | सां – सां सां  | गं – रें सां

सां सां नि नि | धा धा पा पा | मा मा गा- | रे – सा सा

छोटा ख़्याल

 

भोर भई चल गुरु दर्शन को

पुष्प चरन धरि गुरु नमन को

लेकर हम आशीष गुरु का

करे सफल हम इस जीवन को

 

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